Poem On Independence Day 2021 In Hindi | स्वतंत्रता दिवस पर कविता हिंदी में
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Poem On Independence Day 2021 In Hindi | स्वतंत्रता दिवस पर कविता हिंदी में

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Updated July 6, 2021
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दोस्तों 15 अगस्त 2021 75वा स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मैं आप सभी देशवासियों के लिए Poem On Independence Day, स्वतंत्रता दिवस पर शायरी हम साझा करने जा रहा हूं। दोस्तों इस साल 15 अगस्त 2021 रविवार को पूरे देश में 75वा स्वतंत्रता दिवस मनाया जाएगा। 15 अगस्त 1947 को हमारा देश अंग्रेजों से पूरी तरह आजाद हुआ था इस दिन को हम सभी भारतीय बहुत ही उत्साह और गौरव के साथ मनाते हैं आजादी मिलने के बाद हर वर्ष हम इस दिन को स्वतंत्रता दिवस के रूप में मनाते हैं 

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Poem On Independence Day In Hindi 2021

Poem On Independence Day

Poem On Independence Day

सारे जहाँ से अच्छा
हिंदुस्तान हमारा
हम बुलबुलें हैं उसकी
वो गुलसिताँ हमारा।

परबत वो सबसे ऊँचा
हमसाया आसमाँ का

वो संतरी हमारा
वो पासबाँ हमारा।

गोदी में खेलती हैं
जिसकी हज़ारों नदियाँ

गुलशन है जिनके दम से
रश्क-ए-जिनाँ हमारा।

मज़हब नहीं सिखाता
आपस में बैर रखना

हिंदी हैं हम वतन है
हिंदुस्तान हमारा।

मुहम्मद इक़बाल

 Poem on Independence Day in Hindi | Desh Bhakti Kavita

आज तिरंगा लहराता है अपनी पूरी शान से
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान सेआज़ादी के लिए हमारी लंबी चली लड़ाई थी
लाखों लोगों ने प्राणों से कीमत बड़ी चुकाई थी

व्यापारी बनकर आए और छल से हम पर राज किया
हमको आपस में लड़वाने की नीति अपनाई थी

हमने अपना गौरव पाया, अपने स्वाभिमान से
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से

गांधी, तिलक, सुभाष, जवाहर का प्यारा यह देश है
जियो और जीने दो का सबको देता संदेश है

लगी गूँजने दसों दिशाएँ वीरों के यशगान से
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से

हमें हमारी मातृभूमि से इतना मिला दुलार है
उसके आँचल की छैयाँ में छोटा सा ये संसार है

हम न कभी हिंसा के आगे अपना शीश झुकाएँगे
सच पूछो तो पूरा विश्व हमारा ही परिवार है

विश्वशांति की चली हवाएँ अपने हिंदुस्तान से
हमें मिली आज़ादी वीर शहीदों के बलिदान से

Happy Independence Day Poem in Hindi 2021

लाल रक्त से धरा नहाई,
श्वेत नभ पर लालिमा छायी,
आजादी के नव उद्घोष पे,
सबने वीरो की गाथा गायी,गाँधी ,नेहरु ,पटेल , सुभाष की,
ध्वनि चारो और है छायी,
भगत , राजगुरु और , सुखदेव की
क़ुरबानी से आँखे भर आई ||

ऐ भारत माता तुझसे अनोखी,
और अद्भुत माँ न हमने पाय ,
हमारे रगों में तेरे क़र्ज़ की,
एक एक बूँद समायी .

माथे पर है बांधे कफ़न ,
और तेरी रक्षा की कसम है खायी,
सरहद पे खड़े रहकर,
आजादी की रीत निभाई.

Short Poem on Independence Day

Poem On Independence Day

पन्द्रह अगस्त देश की शान है
यह मेरे देश का अभिमान है
गर्व होता है इस दिन पर मुझे
यही मेरी आन यही मेरा पहचान है
देश की आजादी के लिए
शहीदों ने प्राण गवाएं
उन शहीदों की शहादत का
पन्द्रह अगस्त सम्मान है

न भूलना कभी इस दिन को
यह देश की पहचान है
स्वतन्त्रता दिवस के नाम से
प्रसिद्ध देश की शान है

सुरेन्द्र महरा

Independence Day Poem 2021 in Hindi For Kids – Poem on Freedom Fighters

देश मेरा यह सबसे न्यारा
कितना सुंदर, कितना प्यारा|पर्वत ऊँचे ऊँचे इसके
करते हैं रखवाली|

लंबी लंबी नदियाँ इसकी
फैलाएँ हरियाली|

देश मेरा यह सबसे न्यारा
कितना सुंदर, कितना प्यारा|

झर-झर करते निर्मल झरने
गीत ख़ुशी के गाएं|

सर सर करती हवा चले तो
पेड़ खड़े लहराए…

देश मेरा यह सबसे न्यारा
कितना सुंदर, कितना प्यारा|

बारी-बारी रितुए आतीं
अपनी छटा दिखलाती

फल-फूलों से भरे बगीचे
चिड़ियाँ मीठे गीत सुनाती,

देश मेरा यह सबसे न्यारा
कितना सुंदर, कितना प्यारा|

कितना प्यारा देश हमारा
सबको है यह भाता,

इस धरती का बच्चा-बच्चा
गुन इसके है गाता,

देश मेरा यह सबसे न्यारा
कितना सुंदर, कितना प्यारा|

famous poems about independence day

जब भारत आज़ाद हुआ था|
आजादी का राज हुआ था||
वीरों ने क़ुरबानी दी थी|
तब भारत आज़ाद हुआ था||भगत सिंह ने फांसी ली थी|
इंदिरा का जनाज़ा उठा था||
इस मिटटी की खुशबू ऐसी थी
तब खून की आँधी बहती थी||

वतन का ज़ज्बा ऐसा था|
जो सबसे लड़ता जा रहा था||
लड़ते लड़ते जाने गयी थी|
तब भारत आज़ाद हुआ था||

फिरंगियों ने ये वतन छोड़ा था|
इस देश के रिश्तों को तोडा था||
फिर भारत दो भागो में बाटा था|
एक हिस्सा हिन्दुस्तान था||

दूसरा पाकिस्तान कहलाया था|
सरहद नाम की रेखा खींची थी||
जिसे कोई पार ना कर पाया था|
ना जाने कितनी माये रोइ थी,

ना जाने कितने बच्चे भूके सोए थे,
हम सब ने साथ रहकर
एक ऐसा समय भी काटा था||
विरो ने क़ुरबानी दी थी
तब भारत आज़ाद हुआ था||

Happy Independence Day 2021

Short Poem On Independence Day for School Students

अपनी जान से भी प्यारी है,
हमको अपनी आज़ादी।
इसको पाने के खातिर है हमने,
अपनी जान लुटा दी।हम भारत के हैं वासी,
इसकी है शान निराली।
शान न इसकी जाने पाए,
करते है हम इसकी रखवाली।

वीर पुरुष थे भारत के,
खेलें थे अपनी जान पर।
देकर आज़ादी इसको,
कर दी थी जान न्योछावर।

हम भी है संताने उनकी,
थे वीर वो जितने महान।
जीवन अर्पण कर देंगे अपना,
देकर अपना बलिदान।

आज़ादी के संरक्षक हम,
इसका का मान बढ़ाएंगे।
इसकी रक्षा के खातिर,
मर जायेंगे, मिट जाएँगे।

Nidhi Agarwal

Independence Day Poem for Child | Poem on Independence Day in Hindi

कस ली है कमर अब तो, कुछ करके दिखाएंगे,
आजाद ही हो लेंगे, या सर ही कटा देंगे
हटने के नहीं पीछे, डरकर कभी जुल्मों से
तुम हाथ उठाओगे, हम पैर बढ़ा देंगे
बेशस्त्र नहीं हैं हम, बल है हमें चरख़े का,
चरख़े से ज़मीं को हम, ता चर्ख़ गुंजा देंगे
परवाह नहीं कुछ दम की, ग़म की नहीं, मातम की,है जान हथेली पर, एक दम में गंवा देंगे
उफ़ तक भी जुबां से हम हरगिज़ न निकालेंगे
तलवार उठाओ तुम, हम सर को झुका देंगे
सीखा है नया हमने लड़ने का यह तरीका
चलवाओ गन मशीनें, हम सीना अड़ा देंगे
दिलवाओ हमें फांसी, ऐलान से कहते हैं
ख़ूं से ही हम शहीदों के, फ़ौज बना देंगे
मुसाफ़िर जो अंडमान के, तूने बनाए, ज़ालिम
आज़ाद ही होने पर, हम उनको बुला लेंगे 

Short Patriotic Poems in English by Famous Poets

My sleep got disturbed, thrice that day;
I could not sleep tho’ a holiday;
My mind was filled with thoughts unclear;
I got up in the morn, much earlier;
‘Twas India’s Independence Day!Thunder, lightning filled the night’s Sky;
The day much overcast did fly;
The Rain was just a drizzle that day;
Wetted the ground of mud and clay;
‘Twas 15th of August, a rainy day.

The pea-birds howled and groaned that night;
The Rain made them shiver with fright;
Though ten, it looked like six in the morn;
The Sun behind the clouds had gone;
The Sky ground-glass remained that day.

The leaky tap-waters that fell,
Raised wavelets, ploppy-toned and swell;
Rain-drops on cables looked like pearls;
Dropped, formed again, enticing souls;
It looked it would rain long that day.

Rain-drops hanging beneath fir-twigs;
Glittered in the scarce light like figs;
The whole tree was aglow, alit;
A thing of beauty, don’t miss it!
The Sky looked like a barred-white board!

A frail, brown-skinned, bony human,
With sack on head, bent-back, he ran!
The Indian was agonizing!
Tho’ people keep sermonizing!
Fifty years after Independence!
What good was done for the common-man?

Independence Day Poem In English

With Himalayas in the north
Indian ocean in the south
Arabian sea in the west
Bay of Bengal in the east.
I love my nation
With developed culture
And beautiful sculpture
The people have no rest
To do their work best.
I love my nation
They give us rice in ration
They dress in latest fashion
They do many inventions
Which are about fiction.
I love my nation
With number of hill station
Which are God’s creation
It give us protection
And save us from tension.

Azadi Poem In Hindi

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन

आ.. हा.. आहा.. आ..

इसकी मिट्टी से बने तेरे मेरे ये बदन
इसकी धरती तेरे मेरे वास्ते गगन
इसने ही सिखाया हमको जीने का चलन
जीने का चलन..
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन

अपने इस चमन को स्वर्ग हम बनायेंगे
कोना-कोना अपने देश का सजायेंगे
जश्न होगा ज़िन्दगी का, होंगे सब मगन
होंगे सब मगन..
इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन

मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन
मेरा मुल्क मेरा देश मेरा ये वतन
शांति का उन्नति का प्यार का चमन

इसके वास्ते निसार है मेरा तन मेरा मन
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन
ए वतन, ए वतन, ए वतन
जानेमन, जानेमन, जानेमन..

Happy Independence Day Poem in Hindi For Kids 2021

हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी का मतलब नहीं है समझते।
इस दिन पर स्कूल में तिरंगा है फहराते,
गाकर अपना राष्ट्रगान फिर हम,
तिरंगे का सम्मान है करते,कुछ देशभक्ति की झांकियों से
दर्शकों को मोहित है करते
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
आजादी का अर्थ सिर्फ यही है समझते।

वक्ता अपने भाषणों में,
न जाने क्या-क्या है कहते,
उनके अन्तिम शब्दों पर,
बस हम तो ताली है बजाते।
हम नन्हें-मुन्ने है बच्चे,
आजादी का अर्थ सिर्फ इतना ही है समझते।

विद्यालय में सभा की समाप्ति पर,
गुलदाना है बाँटा जाता,
भारत माता की जय के साथ,
स्कूल का अवकाश है हो जाता,
शिक्षकों का डाँट का डर,
इस दिन न हमको है सताता,

छुट्टी के बाद पतंगबाजी का,
लुफ्त बहुत ही है आता,
हम नन्हें-मुन्ने हैं बच्चे,
बस इतना ही है समझते,
आजादी के अवसर पर हम,
खुल कर बहुत ही मस्ती है करते।।

भारत माता की जय।

वन्दना शर्मा

15th August Poetry on Independence Day

हम तो आज़ाद हुए लड़कर पर
आज़ादी के बाद भी लड़ रहे है
पहले अंग्रेजो से लड़े थे
अब अपनों से लड़ रहे है
आज़ादी से पहले कितने
ख्वाब आँखों में संजो रखे थे
अब आजादी के बाद वो
ख्वाब ,ख्वाब ही रह गए है
अब तो अंग्रेज़ी राज और
इस राज में फर्क न लगे
पहले की वह बद स्थिति
अब बदतर हो गई है..

स्वतंत्रता दिवस पर कविता, Poem on Independence Day in Hindi

नमो, नमो, नमो।
नमो स्वतंत्र भारत की ध्वजा, नमो, नमो!नमो नगाधिराज – शृंग की विहारिणी!
नमो अनंत सौख्य – शक्ति – शील – धारिणी!
प्रणय – प्रसारिणी, नमो अरिष्ट – वारिणी!
नमो मनुष्य की शुभेषणा – प्रचारिणी!
नवीन सूर्य की नई प्रभा, नमो, नमो!

हम न किसी का चाहते तनिक अहित, अपकार।
प्रेमी सकल जहान का भारतवर्ष उदार।
सत्य न्याय के हेतु, फहर-फहर ओ केतु
हम विचरेंगे देश-देश के बीच मिलन का सेतु
पवित्र सौम्य, शांति की शिखा, नमो, नमो!

तार-तार में हैं गुँथा ध्वजे, तुम्हारा त्याग!
दहक रही है आज भी, तुम में बलि की आग।
सेवक सैन्य कठोर, हम चालीस करोड़
कौन देख सकता कुभाव से ध्वजे, तुम्हारी ओर
करते तव जय गान, वीर हुए बलिदान,
अंगारों पर चला तुम्हें ले सारा हिंदुस्तान!
प्रताप की विभा, कृषानुजा, नमो, नमो!

रामधारी सिंह ‘दिनकर

Indian Independence Day Poems 2021

हम आज़ादी के परवाने,
दीवाने है मस्ताने है।
देश की आज़ादी के खातिर,
मरने और मिटने वालें है।जान हथेली पर है अपनी,
फिर भी न डरने वाले है।
जलने के डर से पीछे,
हम न कभी हटने वाले है।

हम आज़ादी के परवाने,
दीवाने है मस्ताने है।

डूबे हस्ती तो अपनी क्या,
इस गम में न जीने वाले है।
डूबे है ऐसी मस्ती में हम,
अब कोई न रस पीने वालें है।

हम आज़ादी के परवाने,
दीवाने है मस्ताने है।

जीना और मरना भी अपना,
इस देश के हवाले है।
वतन के वास्ते कुर्बान ये जान,
हम वतन के रखवाले है।

हम आज़ादी के परवाने,
दीवाने है मस्ताने है।

15 अगस्त के उपलक्ष्य में कविता 2021

ऐ मेरे प्यारे वतन
ऐ मेरे बिछड़े चमन
तुझ पे दिल कुरबान….2तू ही मेरी आरजू़
तू ही मेरी आबरू
तू ही मेरी जान

तेरे दामन से जो आए
उन हवाओं को सलाम
चूम लूँ मैं उस जुबाँ को
जिसपे आए तेरा नाम

सबसे प्यारी सुबह तेरी
सबसे रंगी तेरी शाम
तुझ पे दिल कुरबान

माँ का दिल बनके कभी
सीने से लग जाता है तू
और कभी नन्हीं-सी बेटी
बन के याद आता है तू
जितना याद आता है मुझको
उतना तड़पाता है तू
तुझ पे दिल कुरबान

छोड़ कर तेरी ज़मीं को
दूर आ पहुँचे हैं हम
फिर भी है ये ही तमन्ना
तेरे ज़र्रों की कसम

हम जहाँ पैदा हुए उस
जगह पे ही निकले दम
तुझ पे दिल कुरबान

स्वतंत्रता दिवस पर कविता 2021 हिंदी में

हम बच्चे हँसते गाते हैं|
हम आगे बढ़ते जाते हैं|पथ पर बिखरे कंकड़ काँटे,
हम चुन चुन दूर हटाते हैं|

आयें कितनी भी बाधाएँ,
हम कभी नही घबराते हैं|

धन दोलत से ऊपर उठ कर,
सपनों के महल बनाते हैं|

हम ख़ुशी बाँटते दुनिया को,
हम हँसते और हँसाते हैं|

सारे जग में सबसे अच्छे,
हम भारतीय कहलाते हैं|

Independence Day Poem | Desh Bhakti Poem in Hindi

चिश्ती ने जिस ज़मीं पे पैग़ामे हक़ सुनाया,
नानक ने जिस चमन में बदहत का गीत गाया,
तातारियों ने जिसको अपना वतन बनाया,
जिसने हेजाजियों से दश्ते अरब छुड़ाया,
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है॥सारे जहाँ को जिसने इल्मो-हुनर दिया था,
यूनानियों को जिसने हैरान कर दिया था,
मिट्टी को जिसकी हक़ ने ज़र का असर दिया था
तुर्कों का जिसने दामन हीरों से भर दिया था,
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है॥

टूटे थे जो सितारे फ़ारस के आसमां से,
फिर ताब दे के जिसने चमकाए कहकशां से,
बदहत की लय सुनी थी दुनिया ने जिस मकां से,
मीरे-अरब को आई ठण्डी हवा जहाँ से,
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है॥

बंदे किलीम जिसके, परबत जहाँ के सीना,
नूहे-नबी का ठहरा, आकर जहाँ सफ़ीना,
रफ़अत है जिस ज़मीं को, बामे-फलक़ का ज़ीना,
जन्नत की ज़िन्दगी है, जिसकी फ़िज़ा में जीना,
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है॥

गौतम का जो वतन है, जापान का हरम है,
ईसा के आशिक़ों को मिस्ले-यरूशलम है,
मदफ़ून जिस ज़मीं में इस्लाम का हरम है,
हर फूल जिस चमन का, फिरदौस है, इरम है,
मेरा वतन वही है, मेरा वतन वही है॥

Independence Day Kavita 2021

जिस देश का कण-कण सोना हो, जिस देश की नारी देवी हो
जिस देश में गंगा बहती है, उस देश को भारत कहते हैंजहां भाई-भाई में प्रेम हो, भाईचारे का नेम हो
जहां जात-पांत का भेद न है, उस देश को भारत कहते हैं

जहां नभ से भू का नाता है, जहां धरा हमारी माता है
जहां सत्य धर्म मन भाता है, उस देश को भारत कहते हैं !

 


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